
Arihant Singh- incomtex


Whatsapp के सोशल मीडिया में इंट्री करने के बाद से ही यूजर्स के लिए चैटिंग एक्सपीरियंस बहुत बढ़िया हुआ है। मगर इस ऐप्प के बारे में कई ऐसी ट्रिक्स हैं, जिन्हें बहुत लोग नहीं जानते
व्हाट्सऐप्प चलाने वाले हर प्राणी को पता होना चाहिए कि ऐसी कौन सी ट्रिक्स (Tricks) हैं, जो जाननी चाहिए। अगर आपको भी नहीं पता तो चिंता मत करिए।
तोइस लेख के माध्यम से हम आपको 6 ऐसी ट्रिक्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो व्हाट्सऐप्प चलाने के दौरान बहुत काम आएंगी।
1- सबको एक साथ मैसेज कैसे करें?
Whatsapp की नई पोलिसी के हिसाब से आप एक बार में सिर्फ 5 लोगों को कोई मैसेज फॉरवर्ड कर सकते हैं।
अगर आपके कॉन्टेक्ट ज्यादा है तो चिंता की कोई बात नहीं। आप एक बार में सबको कोई भी मैसेज फॉरवर्ड कर सकते हो।

इसके लिए आपको setting वाले option पर क्लिक करना होगा
फिर new broadcast पर क्लिक करें। फिर जिन लोगों को आप हमेशा मैसेज फॉरवर्ड करना चाहते हो उन्हें करें और और right पर क्लिक करें।
2- Deleted Whatsapp chat को recover कैसे करें?
कभी-कभी Whatsapp Uninstall हो जाता है तो लोगों को चैटिंग के Delete होने की चिंता रहती है। अगर चैट Delete हो भी जाए तो टेशन लेने की कोई जरूरत नहीं। Delete हो चुकी चैट को वापस पाने के लिए नीचे दिया गया तरीका फॉलो करें।
फोन में file manager Open करे।
External storage>>Whatsapp>>database ओपन करे।
यहां आपको 2 ऑप्शन मिलेंगे (1- msgstore.db.crypt (1 day ki Chatting file) (2-
msgstore–yyyy..dd..db.crypt (7 days ki Chatting file)
File को text editor में Open करके Chatting को पढ़ सकते हैं।
3- एक फोन में 2 व्हाट्सऐप्प कैसे चलाएं ?
इस ट्रिक के लिए आपको कोई भी क्लोन सोफ्टवेयर डाउनलोड करना होगा, लेकिनअगर आपका बढ़िया फीचर वाला फोन है, तो उसमें डबल ऐप्प इस्तेमाल करने का ऑप्शन रहता है।
4- Whatsaap में bluetick Hide करें
बहुत से लोग ये चाहते हैं कि उनके साथी व्हाट्सऐप्प पर उनका मैसेज देखें और उन्हें ये लगे कि उन्होंने इसे नहीं देखा तो इसके लिए आपको व्हाट्सऐप्प की सैटिंग में जाना होगा।
इस तरह – WhatsApp Setting>Account>Privacy>read receipt में जाकर Tick हटा दे। Last Seen Hide हो जायेगा।
5- Last seen Hide करें
आज के युवा देर रात तक ऑनलाइन रहते हैं और वे चाहते हैं कि लोग उनका Last seen न देखें। अगर आप भी यही चाहते हैं कि तो इसके आपको फिर एक बार व्हाट्सऐप्प सैटिंग में जाना होगा।
इस तरह – WhatsApp Setting>>Account>>Privacy>>Last Seen>>
Nobody= किसी को भी नहीं दिखाई देने के लिए Nobody पर click करें
Contact only= कांटेक्ट लिस्ट को ही Last Seen दिखाने के लिए contact only पर click करें
6- WhatsApp को lock कैसे करें ?
कुछ लोग चाहते हैं कि उनकी चैट कोई न पढ़ें। तो इसके लिए व्हाट्सऐप्प कंपनी ने एक फिंगरप्रिंट फीचर लांच किया है, जिसके इस्तेमाल से आपको कोई lock ऐप्प डाउनलोड नहीं करना पड़ेगा।
इसके लिए आपको – WhatsApp Setting>>Account>>Privacy>>Fingerprint lock पर जाना होगा। एक्टिव करन के लिए Enable करें और डिएक्टिव करने के लिए Disable करें।
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जम्मू, कश्मीर और लद्दाख दरअसल तीन अलग-अलग क्षेत्र हैं। जब भारत आजाद हुआ तो भारत का एक बहुत बड़ा भू-भाग धर्म के नाम पर अलग हो गया जिसका नाम पाकिस्तान रखा गया। पाकिस्तान के उस वक्त दो हिस्से थे पूर्वी पाकिस्तान और पश्चिमी पाकिस्तान। पूर्वी पाकिस्तान 1971 में अलग होकर बांग्लादेश बना।
विभाजन के समय ही कश्मीर पर पाकिस्तानी सेना ने कबाइलियों के साथ मिलकर आक्रमण कर दिया और जम्मू एवं कश्मीर के बहुत बड़े भू भाग पर कब्जा कर लिया। इस आक्रमण का भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब देते हुए कब्जा मुक्ति का अभियान चला रही थी लेकिन बीच में ही तात्कालिन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा युद्ध विराम की एक तरफा घोषणा के चलते नियंत्रण रेखा का जन्म हुआ। तभी से कश्मीर एक विवादित क्षेत्र बन गया।
लगभग आधे जम्मू और कश्मीर पर आज भी पाकिस्तान का कब्जा है। भारत के इस उत्तरी राज्य के 3 क्षेत्र हैं- जम्मू, कश्मीर और लद्दाख। दुर्भाग्य से भारतीय राजनेताओं ने इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति समझे बगैर इसे एक राज्य घोषित कर दिया, क्योंकि ये तीनों ही क्षेत्र एक ही राजा के अधीन थे। राज्य को घोषित किए जाने के बाद इसका नाम जम्मू और कश्मीर रखा जिसमें लद्दाख को जम्मू का ही हिस्सा माना गया।
जम्मू, कश्मीर और लद्दाख राज्य पहले हिन्दू शासकों और फिर बाद में मुस्लिम सुल्तानों के अधीन रहा। बाद में यह राज्य अकबर के शासन में मुगल साम्राज्य का हिस्सा बन गया। सन् 1756 से अफगान शासन के बाद सन् 1819 में यह राज्य पंजाब के सिख साम्राज्य के अधीन हो गया। सन् 1846 में रंजीत सिंह ने जम्मू क्षेत्र महाराजा गुलाब सिंह को सौंप दिया।….आओ जानते हैं इन तीनों ही हिस्से का भूगोल और इतिहास।
जम्मू परिचय : भारतीय ग्रंथों के अनुसार जम्मू को डुग्गर प्रदेश कहा जाता है। जम्मू संभाग में 10 जिले हैं। जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर, डोडा, पुंछ, राजौरी, रियासी, रामबन और किश्तवाड़। जम्मू का कुल क्षेत्रफल 36,315 वर्ग किमी है। इसके लगभग 13,297 वर्ग किमी क्षेत्रफल पर पाकिस्तान का कब्जा है। यह कब्जा उसने 1947-1948 के युद्ध के दौरान कर किया था। जम्मू के भिम्बर, कोटली, मीरपुर, पुंछ हवेली, बाग, सुधान्ती, मुजफ्फराबाद, हट्टियां और हवेली जिले पाकिस्तान के कब्जे में हैं। पाकिस्तान जम्मू के इसी कब्जा किए गए हिस्से को ‘आजाद कश्मीर’ कहता है जबकि कश्मीर के हिस्सों को उसने अन्य भागों में बांट रखा है।
कश्मीर परिचय : जम्मू संभाग का क्षेत्रफल पीर पंजाल की पहाड़ी रेंज में खत्म हो जाता है। इस पहाड़ी के दूसरी ओर कश्मीर है। कश्मीर का क्षेत्रफल लगभग 16,000 वर्ग किमी है। इसके 10 जिले श्रीनगर, बड़गाम, कुलगाम, पुलवामा, अनंतनाग, कूपवाड़ा, बारामूला, शोपियां, गन्दरबल, बांडीपुरा हैं। यहां सुन्नी, शिया, बहावी, अहमदिया मुसलमानों के साथ हिन्दू, जिनमें से अधिकतर गुर्जर, राजपूत और ब्राह्मण रहते हैं। आतंकवाद का प्रभाव कश्मीर घाटी के कश्मीरी बोलने वाले सुन्नी मुसलमानों तक ही है।
लद्दाख परिचय : लद्दाख एक ऊंचा पठार है जिसका अधिकतर हिस्सा 3,500 मीटर (9,800 फीट) से ऊंचा है। यह हिमालय और काराकोरम पर्वत श्रृंखला और सिन्धु नदी की ऊपरी घाटी में फैला है। करीब 33,554 वर्गमील में फैले लद्दाख में बसने लायक जगह बेहद कम है। यहां हर ओर ऊंचे-ऊंचे विशालकाय पथरीले पहाड़ और मैदान हैं। यहां के सभी धर्मों के लोगों की जनसंख्या मिलाकर 2,36,539 है।
ऐसा माना जाता है कि लद्दाख मूल रूप से किसी बड़ी झील का एक डूबा हिस्सा था, जो कई वर्षों के भौगोलिक परिवर्तन के कारण लद्दाख की घाटी बन गया। 18वीं शताब्दी में लद्दाख और बाल्टिस्तान को जम्मू और कश्मीर के क्षेत्र में शामिल किया गया। 1947 में भारत के विभाजन के बाद बाल्टिस्तान, पाकिस्तान का हिस्सा बना।
लद्दाख के पूर्वी हिस्से में लेह के आसपास रहने वाले निवासी मुख्यतः तिब्बती, बौद्ध और भारतीय हिन्दू हैं, लेकिन पश्चिम में कारगिल के आसपास जनसंख्या मुख्यत: भारतीय शिया मुस्लिमों की है। तिब्बत पर कब्जे के दौरान बहुत से तिब्बती यहां आकर बस गए थे। लद्दाख को चीन, तिब्बत का हिस्सा मानता है। सिन्धु नदी लद्दाख से निकलकर ही पाकिस्तान के कराची तक बहती है। प्राचीनकाल में लद्दाख कई अहम व्यापारिक रास्तों का प्रमुख केंद्र था।
लद्दाख मध्य एशिया से कारोबार का एक बड़ा गढ़ था। सिल्क रूट की एक शाखा लद्दाख से होकर गुजरती थी। दूसरे मुल्कों के कारवें के साथ सैकड़ों ऊंट, घोड़े, खच्चर, रेशम और कालीन लाए जाते थे जबकि हिन्दुस्तान से रंग, मसाले आदि बेचे जाते थे। तिब्बत से भी याक पर ऊन, पश्मीना वगैरह लादकर लोग लेह तक आते थे। यहां से इसे कश्मीर लाकर बेहतरीन शॉलें बनाई जाती थीं।
जनसंख्या : सन् 2011 की जनगणना के अनुसार जम्मू और कश्मीर की जनसंख्या 1,25,41,302 है। कश्मीर जहां मुस्लिम बहुल है, वहीं जम्मू में हिन्दू और सिख जबकि लद्दाख में बौद्धों की संख्या अधिक है। जम्मू और कश्मीर में मूल रूप से राजपूत, गुर्जर, ब्राह्मण, जाट और खत्री समूह के लोग रहते हैं, जो हिन्दू भी हैं और मुसलमान भी। दूसरी ओर लद्दाख में मूल रूप से तिब्बती बौद्धों की संख्या अधिक है। यहां लगभग 64 प्रतिशत मुस्लिम; 33 प्रतिशत हिंदू और 3 प्रतिशत बौद्ध, सिख, ईसाई और अन्य निवास करते हैं। घाटी में 49 प्रतिशत मुसलमनों में शियाओं की संख्या घटकर 13 प्रतिशत रह गई है, जबकि हिन्दुओं को तो वहां से सुन्नियों ने खदेड़ दिया है। 1989 से जम्मू एवं कश्मीर राज्य में पाकिस्तान के छद्म युद्ध और सुन्नी आतंकवादी हिंसा ने 20000 निरापराध लोगों को मौत के घाट उतार दिया। कश्मीर घाटी और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों के 7 लाख हिंदू और सिख अल्पसंख्यक विस्थापित हो चुके हैं। उनमें से कुछ जम्मू के शिविर में तो कुछ दिल्ली के शिविरों में शरणार्थी का जीवन जी रहे हैं।
#जम्मू, कश्मीर और लद्दाख का भूगोल : भारतीय हिमालयीन राज्य जम्मू और कश्मीर के वर्तमान में मुख्यत: 3 भाग हैं- कश्मीर, जम्मू और लद्दाख। इसमें अक्साई चिन को भी जोड़ा जाता है। तीनों ही भागों पर प्राचीन और मध्यकाल में अलग-अलग राजाओं का राज रहा है। एक समय ऐसा भी रहा जबकि इस संपूर्ण भू-भाग पर एक ही राजा का राज रहा।
भौगोलिक स्थिति के लिहाज से देखा जाए तो जम्मू एवं कश्मीर में 5 समूह हैं। जम्मू, कश्मीर और लद्दाख भारत के उत्तरी भाग का एक संयुक्त राज्य है, जो 395 से लेकर 6,910 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह उत्तर में चीन और अफगानिस्तान, पूर्व में चीन और दक्षिण में भारतीय राज्य हिमाचल प्रदेश और पंजाब से घिरा है। पश्चिम में यह पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम फ्रंटियर प्रांत और पंजाब से घिरा है। इसका क्षेत्र 2,22,236 वर्ग किमी है। यहां की 2 राजधानियां हैं- ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर है और शीतकालीन राजधानी जम्मू। इसमें वर्तमान में लद्दाख का हिस्सा 58 प्रतिशत, जम्मू 26 प्रतिशत और कश्मीर का हिस्सा 16